Lal Bahadur Shastri Punyatithi 2026: लाल बहादुर शास्त्री (1904-1966) भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे। जय जवान जय किसान नारा देने वाले लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि 11 जनवरी को है। इस अवसर पर पढ़ें उनके 50 से ज्यादा अनमोल वचन।
Lal Bahadur Shastri Death Anniversary 2026: 11 जनवरी 2026 को देश भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि मनाई जा रही है। 2 अक्टूबर 1904 को जन्मे शास्त्री जी ने अपने प्रधानमंत्री काल में सीमित संसाधनों के बावजूद देश को आत्मविश्वास, एकजुटता और दृढ़ नेतृत्व की राह दिखाई। 1965 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने देश को विजयी बनाया। सादगी, ईमानदारी और त्याग उनके जीवन की पहचान रही। “जय जवान, जय किसान” का अमर नारा देने वाले शास्त्री जी आज भी अपने विचारों, सादगी भरे जीवन और मजबूत नेतृत्व के कारण युवाओं और देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें याद करने का सबसे अच्छा तरीका है उनके विचारों को समझना और जीवन में उतारना। शास्त्री जी के विचार केवल भाषण नहीं, बल्कि उनके जीवन का सार थे। उनके उदाहरण से सीख लेकर हम राष्ट्र के लिए समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को अपनाकर अपने जीवन को भी सफल और सार्थक बना सकते हैं। आगे पढ़ें शास्त्री जी के 51 प्रेरक विचार, जो आज भी उतने ही प्रासंगिक और मार्गदर्शक हैं।
लाल बहादुर शास्त्री के 50+ प्रेरक कोट्स
एकता व सामाजिक न्याय
- जब तक समाज में एक भी व्यक्ति अछूत रहेगा, देश का सिर शर्म से झुका रहेगा।
- छुआछूत जैसी बुराइयों को जड़ से खत्म करना होगा।
- देश की तरक्की के लिए गरीबी, बीमारी और अज्ञानता से लड़ना जरूरी है।
- आपसी झगड़े छोड़कर हमें एकता का रास्ता अपनाना चाहिए।
- अनुशासन और मिलकर किया गया प्रयास ही राष्ट्र की असली ताकत है।
- कानून का सम्मान होगा, तभी लोकतंत्र मजबूत बनेगा।
- देश को आगे बढ़ाने के लिए एकता जरूरी है।
- कोई भी काम छोटा नहीं होता, हर कार्य सम्मान योग्य है।
- समाज को जोड़कर रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
- लोकतंत्र में असली शक्ति जनता के हाथ में होती है।
- बलिदान और दृढ़ निश्चय से ही बड़े लक्ष्य पूरे होते हैं।
- आंतरिक मजबूती से ही देश को सम्मान मिलता है।
- गरीबी और बेरोजगारी मिटाना राष्ट्रीय कर्तव्य है।
- समाजवादी लोकतंत्र से समानता आती है।
- कठिन परिस्थितियों पर विजय पाना ही सच्ची सफलता है।

शांति व देशभक्ति पर लाल बहादुर शास्त्री के अनमोल वचन
- शांति बनाए रखने के लिए भी उतनी ही बहादुरी चाहिए, जितनी युद्ध में।
- युद्ध के उन्मूलन में विश्वास ही मानवता का रास्ता है।
- विश्व शांति से ही सभी देशों का कल्याण संभव है।
- जब आजादी खतरे में हो, तो शक्ति से जवाब देना जरूरी हो जाता है।
- देश की स्वतंत्रता की रक्षा हर नागरिक का कर्तव्य है।
- जय जवान, जय किसान, देश की असली ताकत।
- मजबूत सैनिकों से ही मजबूत राष्ट्र बनता है।
- असत्य और हिंसा से स्वराज नहीं मिल सकता।
- हिंसा कभी भी समाधान नहीं हो सकती।
- अपना भविष्य इंसान खुद बनाता है।
- जो सलाह दूसरों को दो, पहले खुद उस पर अमल करो।
- देशहित हमेशा व्यक्तिगत हित से ऊपर होना चाहिए।
- सच्ची देशभक्ति कर्म में दिखाई देती है।
- कठिन समय में सही नेतृत्व की पहचान होती है।
- आत्मनिर्भरता ही देश को मजबूत बनाती है।

कर्तव्य, मेहनत और सादगी पर लाल बहादुर शास्त्री के प्रेरक विचार
- हर काम पूरी ईमानदारी और क्षमता से करना चाहिए।
- मेहनत में संतोष ही सच्ची खुशी देता है।
- झूठ के सहारे स्वराज संभव नहीं है।
- हिंसा लोकतंत्र की आत्मा नहीं हो सकती।
- शांति आपसी विश्वास से आती है।
- परमाणु युद्ध मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
- हर विवाद का हल शांतिपूर्ण बातचीत से होना चाहिए।
- जनता की प्रतिक्रिया पर ध्यान देना जरूरी है।
- प्रशासन और समाज को साथ लेकर चलना चाहिए।
- विकास ही हर नीति का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।
- समृद्धि से ही समाज में खुशी आती है।
- दृढ़ निश्चय से हर कार्य सफल होता है।
- ईमानदारी और सादगी जीवन का आधार हैं।
- जय किसान- अन्नदाता का सम्मान।
- जय जवान- देश के रक्षक को नमन।
- अहिंसा ही स्थायी शांति का मार्ग है।
- सफलता कठिन परिश्रम से मिलती है।
- अनुशासन से ही जीवन सही दिशा में चलता है।
- त्याग से जीवन महान बनता है।
- सच्चा स्वराज जिम्मेदारी से आता है।
- राष्ट्र सेवा ही जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य होना चाहिए।

लाल बहादुर शास्त्री के ये 51 प्रेरक विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उनकी पुण्यतिथि पर ये विचार हमें याद दिलाते हैं कि सादगी, एकता, मेहनत और देशभक्ति के बल पर ही एक मजबूत और विकसित भारत का निर्माण संभव है। इस पुण्यतिथि पर शास्त्री जी के इन अमूल्य विचारों को शेयर करके उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करें।


