कोविड में नौकरी खोने वाले टिकटॉक स्टार खाबी लेम अब 9000 करोड़ के मालिक हैं। उन्होंने एक AI कंपनी को अपने पर्सनैलिटी राइट्स बेचे हैं, जिससे उनका वर्चुअल मॉडल बनाकर प्रमोशन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

Khaby Lame Story: कहते हैं कि किस्मत साथ हो तो मिट्टी भी सोना बन जाती है। अगर इसके साथ थोड़ी मेहनत जुड़ जाए, तो रातों-रात दुनिया में शोहरत मिल सकती है। इसका एक उदाहरण हैं सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और टिकटॉक स्टार इटली के खाबी लेम, जिन्होंने कोविड में नौकरी खो दी और अब एक झटके में 9000 करोड़ के मालिक बन गए हैं। टिकटॉक पर सबसे ज्यादा फॉलोअर्स रखने वाले खाबी पर अब किस्मत खूब मेहरबान है। खाबी के पहले से ही 10 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और वह टिकटॉक के सबसे पॉपुलर क्रिएटर हैं।

टिकटॉकर

जब पूरी दुनिया कोविड महामारी की चपेट में थी, तब लाखों लोगों की तरह खाबी ने भी अपनी नौकरी खो दी थी। वह एक फैक्ट्री में मैकेनिक का काम करते थे, लेकिन उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। तब टिकटॉक ने उनका हाथ थामा। उनके अंदर कॉमेडी का हुनर था और उन्होंने उसी को अपना हथियार बनाया। उनके टिकटॉक की खासियत यह थी कि वह बिना कुछ बोले, सिर्फ इशारों से कॉमेडी करते थे। उनके मजेदार रिएक्शन ने उन्हें एक पॉपुलर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर बना दिया। दिन-ब-दिन उनके फॉलोअर्स बढ़ते गए। शुरुआत में ही खाबी लेम टिकटॉक पर हर पोस्ट के लिए 750,000 डॉलर यानी करीब 6 करोड़ रुपये कमाने लगे थे। तभी वह सैकड़ों करोड़ के मालिक बन गए थे।

बिना काम किए बने अरबपति

लेकिन, अब खाबी बिना कोई काम किए 9000 करोड़ के मालिक बन गए हैं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का क्रेज इस समय पूरी दुनिया में छाया हुआ है। लोग तरह-तरह के वीडियो बनाने के लिए AI का इस्तेमाल कर रहे हैं। सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर भी इस नई टेक्नोलॉजी का फायदा उठा रहे हैं। अब खाबी लेम ने AI पर आधारित एक हॉन्ग कॉन्ग की कंपनी के साथ एक डील साइन की है। इस डील के लिए उन्हें 9000 करोड़ रुपये मिल रहे हैं।

क्या है यह डील?

हैरानी की बात है कि यह रकम उन्हें सिर्फ अपनी तस्वीरें प्रमोशन के लिए इस्तेमाल करने देने के लिए दी गई है! यह सुनने में ही अजीब लगता है, है ना? इस डील के तहत, खाबी ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स बेच दिए हैं। इसका मतलब है कि खाबी लेम ने अपनी ब्रांडिंग, फेस आईडी, वॉयस आईडी और व्यवहार के पैटर्न के लिए इस हॉन्ग कॉन्ग की कंपनी को अधिकार दे दिए हैं। इस समझौते के तहत, AI का उपयोग करके खाबी लेम का एक वर्चुअल मॉडल बनाया जाएगा। कंपनी उसे किसी भी प्रोडक्ट के लिए इस्तेमाल कर सकती है। यानी, वहां सिर्फ खाबी की एक नकल मौजूद होगी।