सार

BSNL लाया है ₹750 का नया प्लान! 6 महीने की वैलिडिटी के साथ डेटा, कॉलिंग और SMS का मज़ा। अब महंगे रिचार्ज से छुटकारा!

BSNL Recharge Plan: अगर आप महंगे रिचार्ज प्लान से परेशान हो चुके हैं और लंबी वैलेडिटी वाला किफायती प्लान चाहते हैं, तो BSNL आपके लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। टेलीकॉम दिग्गज ने 6 महीने की एक्सटेंडेड वैलेडिटी के साथ 750 रुपये का नया प्रीपेड प्लान लॉन्च किया है। ग्राहकों के बजट के अनुकूल इस रिचार्ज प्लान में डेटा के साथ ही वॉयस कॉल और SMS भी मिलते हैं। बीएसएनएल का ये प्लान जियो-एयरटेल जैसी दिग्गज कंपनियों के बीच बाजार में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करेगा।

BSNL के 750 रुपये वाले प्लान में क्या-क्या सुविधा

BSNL के 750 रुपए वाले इस प्लान में 180GB हाई-स्पीड डेटा शामिल है, जो पूरे 6 महीने की वैलेडिटी के दौरान प्रतिदिन 1GB डेटा देगा। डेली लिमिट खत्म होने के बाद यूजर्स 40kbps की कम स्पीड पर ब्राउज़िंग जारी रख सकते हैं, जिससे बिना रुकावट के इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलती है। नए प्लान का मकसद एयरटेल, जियो और वोडाफोन आइडिया के इसी रेंज वाले ऑफर्स के साथ कॉम्पिटीशन करना है, जिससे यूजर्स को उनके बजट के हिसाब से एक अच्छा ऑप्शन मिल सके।

6 महीने के लिए अनलिमिटेड मुफ्त कॉलिंग

BSNL का ये प्लान खासतौर पर GP2 यूजर्स के लिए बनाया गया है, जो अपने पिछले प्लान के खत्म होने के बाद 7 दिनों के भीतर रिचार्ज नहीं करवा पाते हैं। ऐसे में अब यूजर्स 180 दिनों की वैलेडिटी के साथ बार-बार रिचार्ज करवाने या नंबर बंद होने की चिंता किए बिना कंटीन्यू सर्विस का मजा उठा सकते हैं। इस प्लान के तहत 180 दिनों के लिए सभी लोकल और एसटीडी नेटवर्क पर अनलिमिटेड मुफ्त कॉलिंग भी देता है। इसके अलावा यूजर्स को हर दिन 100 फ्री SMS भी मिलते हैं।

स्टारलिंक की एंट्री से बढ़ेगा कॉम्पिटीशन

एलन मस्क की स्टारलिंक कंपनी भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू करने वाली है। स्टारलिंक की सैटेलाइट कम्युनिकेशन लाइसेंसिंग की प्रोसेस लगभग पूरी होने वाली है। कंपनी भारत में इंटरनेट सेवाओं के लिए जियो और एयरटेल के साथ मार्केटिंग और नेटवर्क एक्सपेंशन के लिए समझौता कर रही है। इससे अन्य टेलिकॉम कंपनियों के बीच कॉम्पिटीशन बढ़ेगा। हालांकि, इससे पहले केंद्र सरकार ने स्टारलिंक के सामने कुछ शर्तें रखी हैं। सरकार चाहती है कि शटडाउन कंट्रोल के लिए देश में ही कंट्रोल सेंटर बनाया जाए। यानी अगर कभी इमरजेंसी में इस सर्विस को बंद करना हो तो इसके लिए कंट्रोल सेंटर भारत में हो, ना कि देश के बाहर। साथ ही डेटा सिक्योरिटी के लिए सुरक्षा एजेंसियों को कॉल इंटरसेप्ट यानी डेटा निगरानी की सुविधा भी दें।