पश्चिमी एशिया में युद्ध के डर और खामेनेई की मौत की खबर से भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। सेंसेक्स-निफ्टी 1% से ज्यादा गिरे, कच्चा तेल महंगा हुआ और रुपया डॉलर के मुकाबले 91 के पार पहुंच गया।

पश्चिमी एशिया में युद्ध के हालात बनने के बीच भारतीय शेयर बाजार में आज भारी गिरावट देखने को मिली। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर से बाजार में डर का माहौल बन गया और यह बुरी तरह लुढ़क गया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स 2,743 अंक और निफ्टी 519 अंक टूट गया था। कुछ ही मिनटों के अंदर निवेशकों की संपत्ति से 7.8 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए। हालांकि, दोपहर तक सेंसेक्स ने कुछ रिकवरी की और 1,300 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ 80,000 के नीचे कारोबार कर रहा था।

बाजार को गिराने वाले बड़े कारण

1. खामेनेई की मौत और युद्ध का डर: बाजार को सबसे बड़ा झटका अमेरिका और इज़राइल के मिसाइल हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर से लगा। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी, जिससे तेल के धनी खाड़ी क्षेत्र में युद्ध का मैदान तैयार हो गया।

2. कच्चे तेल की कीमतों में आग: युद्ध की स्थिति गंभीर होते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं। ब्रेंट क्रूड का भाव 6% बढ़कर 77.08 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है, के पास मिसाइल हमलों से तेल सप्लाई रुकने का खतरा बढ़ गया है। बार्कलेज बैंक ने चेतावनी दी है कि तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर सकती हैं।

3. रुपया बुरी तरह टूटा: तेल की कीमतें बढ़ने से भारतीय रुपये की कीमत में बड़ी गिरावट आई। एक महीने में पहली बार डॉलर के मुकाबले रुपया 91 के स्तर को पार कर गया। आर्थिक जानकारों का मानना है कि रुपया और नीचे जा सकता है, लेकिन रिजर्व बैंक इसमें दखल दे सकता है।

4. विदेशी निवेशकों ने छोड़ा साथ: पिछले शुक्रवार को ही विदेशी निवेशकों ने 7,536 करोड़ रुपये के शेयर बेच डाले। इससे बाजार का भरोसा टूट गया। हालांकि, घरेलू निवेशकों ने 12,293 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को संभालने की कोशिश की।

कौन से शेयर गिरे, कौन से चढ़े?

इंडिगो, एलएंडटी, अदाणी पोर्ट्स और एशियन पेंट्स जैसे बड़े शेयरों में 2 से 4 प्रतिशत तक की गिरावट आई। वहीं, युद्ध के माहौल में डिफेंस सेक्टर को फायदा मिलने की उम्मीद से भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में करीब 1 प्रतिशत की तेजी देखी गई। रियल्टी, ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में भी भारी बिकवाली हुई।