60+ माता-पिता के लिए कौन-सा हेल्थ प्लान सही? एक फैसला बचा सकता है आपका पैसा
Best Health Plan for Parents: माता-पिता जब 60 की उम्र पार कर जाते हैं, तब सबसे बड़ा सवाल उनकी सेहत और मेडिकल खर्चों का होता है। ऐसे में सही हेल्थ इंश्योरेंस प्लान बेहद जरूरी है। जानिए 60+ पैरेंट्स के लिए अलग से हेल्थ पॉलिसी लें या फैमिली में जोड़ें?

क्या सीनियर सिटीजन को अलग हेल्थ पॉलिसी लेनी चाहिए?
आजकल एक बड़ी सर्जरी का खर्च 5 से 10 लाख तक पहुंच सकता है। ऐसे में 60 से ज्यादा उम्र वाले पैरेंट्स के लिए सही हेल्थ प्लान चुनना आपको फाइनेंशियली मजबूत बना सकता है। ज्यादातर इंश्योरेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि 60+ माता-पिता के लिए अलग स्टैंडअलोन हेल्थ पॉलिसी बेहतर रहती है। क्योंकि, उनका सम इंश्योर्ड (कवरेज अमाउंट) अलग रहेगा। अगर माता-पिता अस्पताल में भर्ती होते हैं, तो बाकी फैमिली का कवरेज कम नहीं होगा। फैमिली फ्लोटर का प्रीमियम उनकी उम्र की वजह से बहुत ज्यादा नहीं बढ़ेगा। ध्यान रखें, फैमिली फ्लोटर का प्रीमियम परिवार के सबसे बुजुर्ग मेंबर की उम्र पर तय होता है। यानी अगर आप 35 के हैं और पापा 65 के, तो प्रीमियम 65 की उम्र के हिसाब से बढ़ेगा।
क्या माता-पिता के लिए अलग पॉलिसी महंगी होती है?
सच यह है कि सीनियर सिटीजन हेल्थ प्लान के प्रीमियम ज्यादा होते हैं। उम्र बढ़ने के साथ प्रीमियम भी हर कुछ साल में बढ़ता है। अगर माता-पिता की नियमित पेंशन या रिटायरमेंट इनकम नहीं है, तो लंबे समय तक प्रीमियम भरना चुनौती बन सकता है। साथ ही अगर 60 के बाद पॉलिसी ली जाती है और पहले से डायबिटीज, बीपी या हार्ट की समस्या है, तो प्रीमियम ज्यादा हो सकता है, कुछ बीमारियों पर वेटिंग पीरियड लागू होगा, कभी-कभी क्लेम रिजेक्शन का खतरा भी रहता है, इसलिए देर से पॉलिसी लेना विकल्प कम कर देता है।
क्या पैरेंट्स को फैमिली फ्लोटर में जोड़ना सही रहेगा?
इंश्योरेंस एक्सपर्ट्स के अनुसार, कुछ परिस्थितियों में फैमिली फ्लोटर भी काम कर सकता है। अगर सम इंश्योर्ड 20 लाख या उससे ज्यादा हो, माता-पिता हेल्दी हों, बच्चे अभी छोटे हों, तो एक बड़ा फ्लोटर प्लान लेना अच्छा हो सकता है। लेकिन यहां खतरा भी है। भारत में मेडिकल महंगाई हर साल डबल डिजिट में बढ़ रही है। एक बड़ी बीमारी जैसे हार्ट सर्जरी, कैंसर या डायबिटीज का खर्च पूरा सम इंश्योर्ड जल्दी खत्म कर सकती हैं। तब बाकी परिवार साल के बाकी समय बिना पर्याप्त सुरक्षा के रह सकता है।
हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय कौन-सा तरीका सही है?
ज्यादातर विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि माता-पिता के लिए अलग पॉलिसी लें। पर्याप्त सम इंश्योर्ड (कम से कम 10-20 लाख) रखें। रिस्टोरेशन बेनिफिट वाला प्लान चुनें। इंश्योरेंस जल्दी खरीदें, ताकि वेटिंग पीरियड समय पर पूरा हो जाए। बच्चे खुद प्रीमियम भर सकते हैं। इससे दो फायदे मिलते हैं। पहला कवरेज लगातार जारी रहती है, दूसरा पुराने टैक्स सिस्टम में धारा 80D के तहत 60+ माता-पिता के लिए सालाना 50,000 रुपए तक टैक्स छूट मिलती है
सीनियर सिटीजन प्लान की खास बातें
सीनियर सिटीजन हेल्थ प्लान खासतौर पर बुजुर्गों के लिए डिजाइन किए जाते हैं। इनमें अक्सर लाइफटाइम रिन्यूएबिलिटी, डोमिसिलरी केयर कवर, डिजीज स्पेसिफिक बेनिफिट्स, कुछ मामलों में कम वेटिंग पीरियड जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इसके साथ ही IRDAI ने ज्यादातर एंट्री एज की सीमा हटाकर सीनियर्स के लिए हेल्थ इंश्योरेंस को पहले से ज्यादा आसान बनाया है।
हेल्थ इंश्योरेंस लेने से पहले खुद से 3 सवाल जरूर पूछें
- माता-पिता की उम्र और हेल्थ कंडीशन क्या है?
- लंबे समय तक प्रीमियम कौन भरेगा?
- पूरे परिवार को कुल कितना कवरेज चाहिए?
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी हेल्थ या इंश्योरेंस पॉलिसी को खरीदने या निवेश करने की सलाह नहीं है। कोई भी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या अधिकृत बीमा एजेंट से व्यक्तिगत सलाह जरूर लें। पॉलिसी की शर्तें, प्रीमियम, कवरेज और वेटिंग पीरियड अलग-अलग हो सकते हैं।
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