दुबई में लोगों को इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता, फिर भी सरकार की कमाई ज़बरदस्त है। कॉर्पोरेट टैक्स, वैट (VAT), टूरिज़्म, सर्विस फीस और सरकारी कंपनियों के मुनाफ़े से दुबई की अर्थव्यवस्था चलती है।
क्या आप यकीन करेंगे कि दुबई पूरी तरह से टैक्स-फ्री है? असल में, यहां लोगों को अपनी कमाई पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता। यही वजह है कि दुनिया भर के निवेशक यहां खिंचे चले आते हैं। लेकिन सवाल उठता है कि अगर इनकम टैक्स नहीं है, तो सरकार कमाई कैसे करती है? दरअसल, दुबई सरकार ने दुनिया की सबसे मजबूत और डायवर्सिफाइड अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाई है, जो सिर्फ टैक्स पर नहीं, बल्कि सर्विस, इंटरनेशनल ट्रेड, टूरिज्म और स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट पर चलती है।
सरकारी फीस और पब्लिक सर्विस से कमाई
दुबई सरकार की कमाई का एक बड़ा हिस्सा एडमिनिस्ट्रेटिव और सर्विस फीस से आता है। दुबई में रहने वाले लाखों प्रवासियों को वीज़ा फीस, रेजिडेंसी परमिट और वर्क परमिट के लिए तय फीस चुकानी पड़ती है। इसके अलावा, कोई भी बिजनेस शुरू करने या रिन्यू करने के लिए कंपनियों को मोटी लाइसेंस फीस देनी होती है। कचरा मैनेजमेंट, पानी, बिजली और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन जैसी सेवाओं से भी सरकार को बड़ा फायदा होता है। यहां के सख्त ट्रैफिक नियम और ऑटोमैटिक फाइन सिस्टम न सिर्फ अनुशासन बनाए रखते हैं, बल्कि सरकार के खजाने में भी योगदान देते हैं।
कॉर्पोरेट टैक्स और इनडायरेक्ट टैक्स का जाल
भले ही आम लोगों पर टैक्स नहीं है, लेकिन UAE सरकार बिजनेस पर टैक्स लगाती है। 2023 से लागू नियम के मुताबिक, 375,000 दिरहम से ज़्यादा मुनाफ़ा कमाने वाली कंपनियों पर 9% कॉर्पोरेट टैक्स लगाया जाता है। इसके अलावा, हर सामान और सर्विस पर 5% वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) वसूला जाता है। खास तौर पर, तेल कंपनियों पर 55% तक और विदेशी बैंकों पर 20% तक का भारी-भरकम टैक्स लगाकर सरकार अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर रखती है।
टूरिज्म और एविएशन ही हैं कमाई का ज़रिया
दुबई का मतलब है टूरिस्टों का स्वर्ग। हर साल करोड़ों लोग यहां घूमने आते हैं। होटल बुकिंग, रेस्टोरेंट और एंटरटेनमेंट जगहों पर 'टूरिज्म दिरहम' नाम का टैक्स लगाया जाता है। इतना ही नहीं, दुनिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट में से एक, दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गुजरने वाले हर यात्री से एग्जिट और सर्विस फीस वसूली जाती है। इस वजह से एविएशन सेक्टर देश की कमाई का एक बड़ा ज़रिया बन गया है।
सरकारी कंपनियों से बंपर मुनाफ़ा
दुबई सरकार दुनिया की कई बेहतरीन कंपनियों की मालिक है। दुनियाभर में सफल 'एमिरेट्स' एयरलाइन सरकार को भारी मुनाफ़ा कमाकर देती है। इसके अलावा, बुर्ज खलीफा जैसी शानदार इमारतें बनाने वाली सरकारी रियल एस्टेट कंपनियां इन्वेस्टमेंट, लीज़ और टूरिज़्म के ज़रिए लगातार सरकार का खज़ाना भरती रहती हैं।


