Used Car Resale Tips: यहां हम आपको यूज्ड कार की रिसेल वैल्यू को बढ़ाने को लेकर कुछ बेहतरीन टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं। इससे आपकी गाड़ी एक अच्छी कीमत पर सेल हो सकती है और सामने वाला ऑनर कार को लेकर पूरी तरह सटिस्फाइड होगा।
Used Car Resale Tips: देश में सेकंड हैंड कार मार्केट में वर्तमान में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है। कई बार तो भारत में सेकंड हैंड कार बाजार की सेलिंग ने नए वाहनों को पछाड़ा है। पुरानी कारें खरीदने वालों का नजरिया नई कार लेने वालों से अलग होता है। वे अच्छी तरह क्लिन, भरोसेमंद कारों को पहली प्राथमिकता देते हैं, जिनके पास सभी वैलिड डॉक्यूमेंट्स हों। इसलिए, कुछ ईजी सुझाव का पालन करके कोई भी व्यक्ति अपनी कार सेल करते समय अधिकतम रिसेल वैल्यू प्राप्त कर सकता है। अगर आप मौजूदा कार को सेल करके नई कार लेने का प्लान कर रहे हैं, यहां हम आपको कुछ आसान और यूजफुल टिप्स बताएंगे। इसे अपनाकर आप अपनी कार की अच्छी रिसेल वैल्यू पा सकते हैं।
एक्सटीरियर और इंटीरियर को चकाचक रखें
आप अपनी गाड़ी को चाहे किसी खरीदने वाला व्यक्ति और डीलरशिप को बेच रहे हों, तो कार का एक्सटीरियर (पहला लुक) शानदार दिखना चाहिए। बेस्ट रिसेल वैल्यू पाने के लिए एक अच्छी तरह से रखी गई सफाई और मेंटेनेंस जरूरी है। पेंट की चमक कम न हो, उसके लिए अपनी कार को नियमित रूप से वॉश करना सुनिश्चित करें। केबिन (इंटीरियर) के अंदर में बिछाए गए कालीनों को वैक्यूम करें, सतहों को निरंतर पोंछे और दाब-धब्बे हटाएं। इसके अलावा किसी भी अवांछित सामान को अंदर न रहने दें। कार की अच्छी साफ-सफाई के लिए पेशेवर डिटेलिंग पर विचार जरूर करें।
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मेंटेनेंस शेड्यूल पर नजर बनाए रखें
अपनी कार के मेंटेनेंस शेड्यूल पर आपको नजर बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए इंजन ऑयल को समय-समय पर बदलना, कूलेंट टॉप अप, फ्यूल फिल्टर और एसी फिल्टर को सही रखना न सिर्फ गाड़ी के स्थिति बेहतर रखती है, बल्कि संभावित खरीदारों को यह पता चलता है कि गाड़ी का मेंटेनेंस अच्छे से किया गया है। ऐसा करने से पुरानी कार की रिसेल वैल्यू बढ़ जाती है। इसलिए ऑलवेज कार निर्माता कंपनियों द्वारा सुझाए गए टाइम पर मेंटेनेंस शेड्यूल का पालन करना न भूलें। वहीं, गाड़ी के रखरखाव का शेड्यूल सबूत के तौर पर रिकॉर्ड करके रखें।
छोटी-मोटी कमियों को पूरा करना न भूलें
कई बार लोग गाड़ी में आने वाली छोटी-मोटी कमियों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे उसकी रिसेल वैल्यू कम हो सकती है। आप ऐसी गलती करने की भूल न करें। इसलिए छोटे-मोटे डेंच, खरोंच या विंडशील्ड चिप्स को ठीक करवा लें। इसके अलावा गाड़ी के टूटे हुए या डैमेज हुए कंपोनेंट्स जैसे- शीशा, ट्रिम या लाइट की सही से मरम्मत करवाएं, यदि जरूरत हो तो उसे बदल दें। इसमें आपको ज्यादा लागत नहीं आएगी। इसके साथ ही, वाहन का लुक भी खराब नहीं होगा और इसकी रिसेल वैल्यू बढ़ जाएगी।
कार में ओरिजिनल OEM पार्ट्स लगाएं
ध्यान रखें, जब भी आप अपनी गाड़ी के कंपोनेंट्स चेंज करवा रहे हों, तब आफ्टरमार्केट का विकल्प छोड़कर ओरिजिनल OEM पार्ट्स लगाएं। आफ्टरमार्केट का ऑप्शन आपकी जेब पर कम असर जरूर डालेगा, लेकिन लॉन्ग टाइम तक गाड़ी के परफॉर्मेंस या हेल्थ को भी चला सकते हैं। ओरिजिनल पार्ट्स स्पेशल वाहनों के लिए ही बनाए जाते हैं और उनकी क्वॉलिटी भी उच्च होती है। ऐसे में OEM पार्ट्स मजबूती प्रदान करते हैं और आपकी कार की रिसेल वैल्यू बढाने में मदद करते हैं।
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